16.7.16

एलोवेरा के गुण ,लाभ, उपचार Benefits of Aloe Vera





हमारे आस पास तमाम ऐसी वनस्पतियां पाई जाती हैं जिनमें औषधीय गुण मिलते हैं। समझ और सजगता का अभाव होने के कारण इनका सही प्रयोग नहीं हो पाता। इन्हीं वस्पतियों में घृतकुमारी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आयुर्वेद में इसे ग्वारपाठा, घी कुंवारा, स्थूलदला, कुमारी आदि नामों से इसे जाना जाता है। घृतकुमारी के पत्तों का इस्तेमाल यकृत विकार, आमवात, कोष्ठबद्धता, बवासीर, स्त्रियों के अनियमित मासिक चक्र और मोटापा घटाने के साथ ही चर्म रोग में भी लाभकारी होता है। घृतकुमारी सभी स्थानों पर पूरे वर्ष सुगमता से मिलता है। इसके गूदे में लौह, कैल्शियम, पोटैशियम एवं मैग्नीशियम पाया जाता है।एलोवेरा विवेचन निम्न प्रकार है-

पीलिया रोग


1. पीलिया रोग से ग्रसित रोगी के लिए एलोवीरा एक रामबाण औषधि है। 15 ग्राम एलोवेरा का रस सुबह शाम पीयें। आपको इस रोग में फायदा मिलेगा। मूत्र संबंधी रोग हो या गुर्दों की समस्या हो तो एलोवेरा आपको फायदा पहुंचाता है। एलोवेरा का गूदा या रस का सेवन करें।

चेहरा सुंदर और चमकदार

2. एलोवेरा का गूदा चेहरे पर लगाने से चेहरा सुंदर और चमकदार बन जाता है। पुरूष हो चाहे स्त्री दोनों को एलोवेरा का पेस्ट चेहरे पर लगाना चाहिए। यह पूर्णरूप से प्राकृतिक क्रिम है। यदि सिर में दर्द हो तो आप हल्दी में 10 ग्राम एलोवेरा मिलाकर सिर पर इसका लेप लगाएं एैसा करने से सिर दर्द में राहत मिलती है। और ताजगी का अहसास होता है।

मोटापा

3. एलोवेरा मोटापा कम करने में फायदा करता है। 10 ग्राम एलोवेरा के रस में मेथी के ताजे पत्तों को पीसकर उसे मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें या 20 ग्राम एलोवेरा के रस में 4 ग्राम गिलोय का चूर्ण मिलाकर 1 महिने तक सेवन करने से मोटापे से राहत मिलती है।

प्राकृतिक कंडीशनर

4. यह एक तरह का प्राकृतिक कंडीशनर है। एलोवेरा को बालों पर 20 मिनट तक उंगलियों के जरिए बालों पर लगाते रहें। और थोड़ी देर में पानी से बालों को धों लें। यह बालों को सुदंर, घना और आकर्षक बनाता है। चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में आप एलोवेरा का गूदा कच्चे दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर मलें। यह झुर्रियों को खत्म करके चेहरे कांतिमान बनाता है।

डायबिटीज की समस्या

5. डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं तो 10 ग्राम एलोवेरा के रस में 10 ग्राम करेले का रस मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से डायबिटीज से मुक्ति मिलती है। 20 ग्राम आंवले के रस में 10 ग्राम एलोवेरा के गूदे को मिलाकर प्रतिदिन सुबह सेवन करें। यह शूगर की बीमारी को दूर करेगा।

6. आग से शरीर का कोई अंग जल या झुलस गया हो तो आप एलोवेरा का गूदा उस जगह पर लगाएं आपको जलन से राहत मिलेगी और घाव भी जल्दी ठीक होगा।
7. सर्दी, जुकाम या खांसी होने पर शहद में 5 ग्राम एलोवेरा के ताजे रस में मिलाकर सेवन करें आपको फायदा होगा। शरीर में कैल्शियम की कमी हो तो एलोवेरा के गूदे का सेवन जरूर करें ।

बवासीर
8. बवासीर में यदि खून ज्यादा बहता हो तो एलोवेरा के पत्तों का सेवन 25-25 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम करते रहें। बवासीर के मस्से खत्म करने के लिए एलोवेरा के गूदे में नीम की पत्तियों को जलाकर उसका राख मिला लें और इस पेस्ट को मलद्वार पर बांध लें।

9. खुजली, मुंहासों और फुंसी होने पर डेली 10 से 15 ग्राम एलोवेरा का रस पीना चाहिए यह खून को शु़द्ध करता है और चेहरे से मुंहासों को भी हटा देता है। दाद होने पर 10 ग्राम अनार के रस में 10 ग्राम एलोवेरा रस मिलाकर दाद वाली जगह पर लगाने से दाद ठीक हो जाते हैं।

10. पेट संबंधी कोई भी बीमारी हो तो आप 20 ग्राम एलोवेरा के रस में शहद और नींबू मिलाकर उसका सेवन करें। यह पेट की बीमारी को दूर तो करता ही है साथ ही साथ पाचन शक्ति को भी बढ़ाता है।

आजकल किडनी रोग की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में एलोवीरा का सेवन करने से किडनी समस्या ठीक हो सकती है। साथ ही साथ एलोवीरा के सेवन से किडनी की संक्रमण समस्या भी दूर हो जाती है।

उर्जा बढ़ाने के लिए
एलोवेरा शरीर में उर्जा को बढ़ाता है। यदि आप नियमित एलोवेरा का जूस पीते हैं तो इससे शरीर में मिनरल और विटामिन शरीर को मिलते हैं जिससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। एलोवेरा के रस से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
दांतों और छालों के लिए एलोवेरा
दांतो में कीटाणु लग जाने की वजह से दांत खराब हो जाते हैं। इससे बचने के लिए एलोवेरा का जूस पीएं। यदि मुंह में छाले पड़ गए हों और उनसे खून निकल रहा हो तो आप एलोवेरा जूस से कुल्ला करें।

कब्ज नाशक है एलोवेरा

एलोवेरा कब्ज की समस्या को खत्म करता है। रोज सुबह एक गिलास एलोवेरा जूस का सेवन करने से पुरानी से पुरानी कब्ज पल भर में ठीक हो जाती है।
एलोवेरा के गुण लाभ
* एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमिनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं जो खून की कमी को दूर कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाते हैं।
* एलोवेरा के कांटेदार पत्तियों को छीलकर रस निकाला जाता है। 3 से 4 चम्मच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है।
* एलोवेरा का जूस पीने से कब्ज की बीमारी से फायदा मिलता है।
* एलोवेरा का जूस मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार व स्वस्थ होते हैं।
कब्ज की बीमारी 

* एलोवेरा का जूस पीने से शरीर में शुगर का स्तर उचित रूप से बना रहता है।
एलोवेरा का जूस बवासीर, डायबिटीज, गर्भाशय के रोग व पेट के विकारों को दूर करता है।
* एलोवेरा का जूस पीने से त्वचा की खराबी, मुहांसे, रूखी त्वचा, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बों, आखों के काले घेरों को दूर किया जा सकता है।
* एलोवेरा का जूस पीने से मच्छर काटने पर फैलने वाले इन्फेक्शन को कम किया जा सकता है।
* एलोवेरा का जूस ब्लड को प्यूरीफाई करता है साथ ही हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है।
* एलोवेरा को सौंदर्य निखार के लिए हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट जैसे एलोवेरा जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैंपू, साबुन, फेशियल फोम आदि में प्रयोग किया जा रहा है।
एलर्जी में एलोवेरा
एलोवेरा में एमिनों एसिड की मात्रा भरपूर होती है जो एलर्जी को दूर करने का काम करता है। एलोवीरा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
जो इंसान एलोवेरा का रस रोज पीता है वह कभी बीमार नहीं पड़ता है।
एलोवेरा खून साफ करता है जिससे जोड़ों का दर्द ठीक होता है।
यदि एडि़यां फट गई हों तो रोज एलोवेरा जेल से मालिश करें।
त्वचा में नमी को बनाए रखता है एलोवेरा।
अल्सर, वायु रोग और अम्लपित्त आदि की शिकायतें दूर होती हैं एलोवेरा जूस को पीने से।
गर्मियों के समय में अक्सर त्वचा में सनबर्न की शिकायत हो जाती है। ऐसे में एलोवेरा को त्वचा पर लगाने से सनबर्न ठीक हो जाता है।

स्कैल्प का ड्राई होना

एन्टीबैक्टिरीयल गुण होने की वजह से एलोवेरा जेल ड्राई स्कैल्प की समस्या को खत्म करता है। इसके लिए आप एलोवेरा जेल को अपने सिर पर लगा लें और पंद्रह मिनट के बाद शैंपू से अपने बालों को धो लें।

एलोवेरा कोई साधारण पौधा नहीं है। इसमें समाया हुआ है प्राकृतिक तत्वों का रहस्य जिससे आप अभी तक अनजान थे। एलोवेरा में ही छिपा हुआ है कई बीमारियों का इलाज। आप भी एलोवेरा का पेड़ अपने घर आंगन में लगा सकते हो और इसके फायदे उठा सकते हो। भारत और जापान में पुराने समय से ही एलोवीरा का प्रयोग चिकित्सा के रूम में किया जाता रहा है। एलोवीरा का जरूरत से ज्यादा सेवन करना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।







15.7.16

तेज पत्ता के फायदे Benefits of bayleaf






तेजपत्‍ता को भारतीय व्‍यंजनों में उसकी अद्वितीय खुशबु और स्‍वाद के लिए जाना जाता है। लोगों को लगता है कि इससे सब्‍जी में अच्‍छी खुशबु आती है लेकिन इस पत्‍ते के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी होते हैं। इसमें फ्लेवोनॉड्स, एंटी-ऑक्‍सीडेंट, आवश्‍यक तेल और टैनिन भरपूर मात्रा में होते हैं जो भोजन को विशेष प्रकार की एरोमा से भर देते हैं। तेजपत्‍ता में जीवाणुरोधी, एंटी-इंफ्लामेंट्री और मूत्रवर्धक गुण होते हैं।
तेज पत्ता को हम ‘Bay Leaf’ के नाम से भी जानते है। इसके सेवन से डायबटीज से पीडित मरीज को फायदा होता है। यह पाचन क्रिया को दुरूस्‍त बनाता है और हद्य लाभ प्रदान करता है। इसके सेवन से सर्दी-जुकाम में भी आराम मिलता है। तेजपत्‍ता एक प्रकार का मसाला होता है जिसमें कॉपर, पौटेशियम, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, सेलेनियम और आयरन की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है। लेकिन हममें से बहुत कम लोगों को इसके गुणों के बारे में पता होता है।
इसके अलावा, तेजपत्‍ता, बालों, दांतों और त्‍वचा में चमक प्रदान करता है। रूसी होने पर भी तेजपत्‍ता, फायदा करता है। यह स्वाद में कड़वा होता है जिसे हम कोरा नहीं खा सकते। तो आइये जानते है इसके स्वास्थवर्धक फायदों के बारे में जिनसे आप अपने आप को स्वस्थ रख सकते है।
पाचन शक्ति बढ़ाये:-
तेजपत्‍ता, पाचन में सहायक होता है और इसके सेवन से कई प्रकार के पाचन सम्‍बंधी विकार सही हो जाते हैं। अगर आपको कब्‍ज, एसिड और ऐंठन की शिकायत रहती है तो तेजपत्‍ता आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है।
कैंसर को रोकने में लाभदायक:-
तेजपत्‍ता में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसमें कैफीक एसिड, क्‍वेरसेटिन और इयूगिनेल नामक तत्‍व होते हैं जो मेटाबोल्जिम को कैंसर जैसी घातक बीमारी को होने से रोक लेता है। और आपको कैंसर जैसी बीमारी से दूर रखता है।तेजपत्‍ता में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसमें कैफीक एसिड, क्‍वेरसेटिन और इयूगिनेल नामक तत्‍व होते हैं जो मेटाबोल्जिम को कैंसर जैसी घातक बीमारी को होने से रोक लेता है।
कार्डियोवस्‍कुलर लाभ:
दिल सम्‍बंधी कई समस्‍याओं में तेजपत्‍ता लाभप्रद होता है। इसके सेवन से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम होता है और दिल स्‍वस्‍थ रहता है।



रूसी दूर करें:-
तेजपत्‍ता की सूखी पत्तियों का पाउडर बना लें और इस पाउडर को दही में मिला लें। इस मिश्रण को सिर की त्‍वचा पर अच्‍छे से लगा लें और कुछ देर बार धो लें। इससे रूसी निकल जाएगी और खुजली की समस्‍या से भी आराम मिल जाएगा।

बालों में चमक लोटाये:-
तेजपत्‍ता के पत्‍तों को बालों की चमक बढ़ाने के लिए भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसके कुछ पत्‍तों को लें और उन्‍हें पानी में उबाल दें। इस पानी के ठंडा होने पर इससे बालों को धो लें। ये पानी बालों में कंडीशनर की तरह काम करता है और चिपचिपाहट को दूर कर देता है।
ऊपर दिए गए सभी सुझावों का नियमित रूप से सेवन करे और स्वस्थ रहिये। इन फायदों के अलावा भी तेज पत्ता आपको कई बीमारियो के होने से बचाते है, आपकी किडनी को भी स्वस्थ रखने में आपकी मदद करते है।
किडनी की समस्‍या दूर करें:
तेजपत्‍ता, किडनी में होने वाली समस्‍या को दूर करने में सहायक होता है। इसके लिए, तेजपत्‍ता डालकर पानी उबालें और उस पानी को पिएं।
फ्रेश और दमकती त्‍वचा:-
हाल ही में एक शोध से यह बात सामने आई है कि तेजपत्‍ता में ऐसे गुण होते हैं जो त्‍वचा को बेहद दमकदार बनाते हैं। तेजपत्‍ता डालकर उबाले गए पानी से चेहरा धुलने पर चेहरे में शाइन आ जाती है। साथ ही तेज पत्ता आपके चेहरे पर हो रहे मुँहासे को दूर करने में मदद करता है। इसकी मदद से आपका चेहरा बिना दाग धब्बे का हो जाता है और चमकदार बनता है।
*नींद ज्‍यादा आने पर तेजपत्‍ते को पानी में कम से कम 6 घंटे तक भिगों दें और उठने के बाद उस पानी को पी लें। इससे आपको काफी राहत मिलेगी और नींद वाला हैंगओवर उतर जाएगा।
दांतों की चमक को बनाएं रखें:-
दातों का पीला पड़ना एक प्रकार की समस्‍या है, जिसके निदान के लिए लोग बहुत प्रयास करते हैं। तेजपत्‍ते की एक पत्‍ती को लीजिए और इसे अपने दांतों पर रगड़ दीजिए, इससे दांतों का पीलापन दूर हो जाएगा।
*टाइप 2 प्रकार की डायबटीज होने पर तेजपत्‍ता आपके लिए अच्‍छा साबित हो सकता है। यह ब्‍लड सुगर को नियंत्रित रखता है और दिल को स्‍वस्‍थ बनाएं रखता है। इसलिए, अगर आप डायबटीज के शिकार हैं तो तेजपत्‍ता का इस्‍तेमाल खाने में करने लगे।
दर्द में राहत:
तेजपत्‍ते के तेल को दर्द होने वाली जगह पर लगाने से दर्द में आराम मिलती है। आप चाहें तो दर्द होने वाली जगह पर इससे मसाज करें, काफी फायदा मिलेगा।