18.11.10

मोटापा निवारण के सरल उपाय.:how to fight obesity?





मोटापा निवारण के सरल उपचार

                             


                       
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           मोटापे से कई बीमारियां जन्म लेती हैं जैसे हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर। स्त्री हो या पुरुष, उनका वजन उनकी लंबाई के हिसाब से होना चाहिए जैसे 5 फिट लंबाई हो तो वजन 60 किलोग्राम कुछ कम या ज्यादा हो तो एडजस्ट किया जा सकता है। मोटापे का मतलब है हमारी ऊंचाई के अनुपात में अत्यधिक वजन होना। मोटापे की समस्या होने पर व्यक्ति का पूरा शरीर थुलथुला हो जाता है और मांसपेशियां भी ढीली हो जाती है। कूल्हे व पीठ का भाग बढ़ जाता है, पेट लटक जाता है, हाथ व जांघ थुलथुले हो जाते हैं। यह सभी मोटापे के ही लक्षण हैं।
 मोटापा होने के कारण--

१) शरीर की आवश्यक्ता से ज्याद केलोरी वाला भोजन खाना।

२) मेटाबोलिस्म(चयापचय)की दर कम होना।

३)थायराईड अथवा  पीयूष ग्रंथि( पिचुट्री) के विकार।

४) अधिक समय बैठक का जीवन।

५) हार्मोन का असंतुलन होना।

 लगभग प्रतिदिन मांस-मदिरा का सेवन करने वाले लोगों में तो मोटापे की समस्या रहती ही है। मांस से शरीर में चर्बी बढ़ती है।

हमारे शरीर में ऊर्जा ज्यादा उत्पन्न होती है और उस ऊर्जा का पूर्ण उपयोग ना होने पर वह शरीर के उन्हीं भागों में चर्बी के रूप में जमा हो जाती है। इसके परिणाम स्वरूप वजन बढऩे लगता है।

शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने के कुदरती उपचार-




१)  चर्बी घटाने के लिये व्यायाम बेहद आवश्यक उपाय है।एरोबिक कसरतें भी लाभप्रद होती हैं। आलसी जीवन शैली से मोटापा बढता है। अत: सक्रियता बहुत जरूरी है।



२) शहद मोटापा निवारण के लिये अति महत्वपूर्ण पदार्थ है। एक चम्मच शहद आधा चम्मच नींबू का रस गरम जल में मिलाकर लेते रहने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी नष्ट होती है। यह दिन में ३ बार लेना कर्तव्य है।









३)  पत्ता गोभी(बंद गोभी) में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबोलिस्म ताकतवर बनता है। फ़लत: ज्यादा केलोरी का दहन होता है।  इस प्रक्रिया में चर्बी समाप्त होकर मोटापा निवारण में मदद मिलती है।











४)  पुदीना में मोटापा विरोधी तत्व पाये जाते हैं। पुदीना रस एक चम्मच २ चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से  उपकार होता है।









५)  सुबह उठते ही २५० ग्राम टमाटर का रस २-३ महीने तक पीने से  शरीर की वसा  में कमी होती है।











६) गाजर का रस मोटापा कम करने में उपयोगी है। करीब ३०० ग्राम गाजर का रस दिन में किसी भी समय लेवें।
















७) एक अध्ययन का निष्कर्ष आया है कि वाटर थिरेपी मोटापा की समस्या हल करने में कारगर सिद्ध हुई है। सुबह उठने के बाद प्रत्येक घंटे के फ़ासले पर २ गिलास पानी पीते रहें। इस प्रकार दिन भर में कम से कम २० गिलास पानी पीयें। इससे विजातीय पदार्थ शरीर से बाहर निकलेंगे और चयापचय प्रक्रिया(मेटाबोलिस्म) तेज होकर ज्यादा केलोरी का दहन होगा ,और शरीर की चर्बी कम होगी। अगर २ गिलास के बजाये ३ गिलास पानी प्रति घंटे पीयें तो और भी तेजी से मोटापा निवारण होगा।
८) कम केलोरी वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग करें। जहां तक आप कम केलोरी वाले भोजन की आदत नहीं डालेंगे ,मोटापा निवारण दुष्कर कार्य रहेगा। अब मैं ऐसे भोजन पदार्थ निर्देशित करता हूं जिनमें नगण्य केलोरी होती है। अपने भोजन में ये पदार्थ ज्यादा शामिल करें--नींबू
जामफ़ल (अमरुद)
अंगूर
सेवफ़ल
खरबूजा
जामुन
पपीता
आम
संतरा
पाइनेपल
टमाटर
तरबूज
बैर




स्ट्राबेरी
सब्जीयां जिनमें नहीं के बराबर केलोरी होती है--
पत्ता गोभी
फ़ूल गोभी
ब्रोकोली
प्याज
मूली
पालक
शलजम
सौंफ़
लहसुन
९) कम नमक,कम शकर उपयोग करें।


१०) अधिक वसा युक्त भोजन पदार्थ से परहेज करें। तली गली चीजें इस्तेमाल करने से चर्बी बढती है। वनस्पति घी बेहद हानिकारक है।













११) सूखे मेवे (बादाम,खारक,पिस्ता) ,अलसी के बीज,ओलिव आईल में उच्चकोटि की वसा होती है। इनका संतुलित उपयोग उपकारी है।



१२) शराब और दूध निर्मित पदार्थों का उपयोग वर्जित है।












१३) अदरक चाकू से बरीक काट लें ,एक नींबू की चीरें काटकर दोनो पानी में ऊबालें। सुहाता गरम पीयें। बढिया उपाय है।













१४) रोज पोन किलो फ़ल और सब्जी का उपयोग करें।














१५) ज्यादा कर्बोहायड्रेट वाली वस्तुओं का परहेज करें।शकर,आलू,और चावल में अधिक कार्बोहाईड्रेट होता है। ये चर्बी बढाते हैं। सावधानी बरतें।कम खाएं।








१६) केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाय गेहूं सोयाबीन,चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फ़यदेमंद है।






१७) शरीर के वजने को नियंत्रित करने में योगासन का विशेष महत्व है। कपालभाति,भस्त्रिका का नियमित अभ्यास करें।
१८) सुबह आधा घंटे तेज चाल से घूमने जाएं। वजन घटाने का सर्वोत्तम तरीका है।



१९) भोजन मे ज्यादा रेशे वाले पदार्थ शामिल करें। हरी सब्जियों ,फ़लों में अधिक रेशा होता है। फ़लों को छिलके सहित खाएं। आलू का छिलका न निकालें। छिलके में कई पोषक तत्व होते हैं।








20) मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होने का एक और अचूक उपाय-...
मेथी दाना -250 ग्राम
अजवाइन-100 ग्राम ,
काली जीरा-50 ग्राम
।उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर में इसका पॉवडर
बनालें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय आधा चम्मच पॉवडर एक गिलास
कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना या पीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग ले सकते हैं
फायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा ।
बने शाकाहारी :
शाकाहार अपनाने से आपकी लाइफ स्‍टाइल में कई बदलाव आएंगे, लेकिन वे कारगार और प्रभावी होंगे। अध्‍ययन बताते हैं कि ज्‍यादा मांसाहार के सेवन का असर भी मोटापे पर पड़ता है।
यदि आप अधिक मांसाहार करते हैं तो एकदम से इसें बंद करना आसान नहीं होता। जब तक आप पूर्ण रूप से इसे न छोड़ पाएं, तब तक मांसाहार और शाकाहार का सेवन जारी रखें और धीरे-धीरे शाकाहार को पूरी तरह अपनाएं।
फास्‍ट फूड से तौबा :
तली हुई चीजे जैसे- आलू चिप्‍स, कुकीज का कम से कम उपयोग करें। फास्‍ट फूड जैसे- बर्गर, पिज्‍जा की जगह सलाद, फ्रूट जैसी स्‍वस्‍थ चीजों का चुनाव करें।
फाइबर युक्‍त भोजन -
खाने में फाइबर युक्‍त भोजन लें। यह आपके शरीर को कोलेस्‍ट्रोल से बचाता है और उसे आपके शरीर से बाहर करता है। फाइबरयुक्‍त भोजन आपके शरीर की एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी को भी बर्न करता है|
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6.11.10

सूखी खांसी की आयुर्वेदिक घरेलु चिकित्सा // Home Remedies to cure dry cough




श्वसन पथ में एकत्र विजातीय तत्वों को बाहर निकालने के लिये खांसी शरीर की नैसर्गिक प्रक्रिया है। खांसी दो प्रकार की होती है।
१) गीली या उत्पादक खांसी जिसमें खांसी होने पर कफ़ या श्लेष्मा निकलती है।
२) सूखी या खोखली खांसी जिसमें कफ़ नहीं निकलता है।
खांसी का प्राकृतिक पदार्थों से इलाज करना निरापद और शीघ्र प्रभावकारी है। रसायनिक फ़ार्मुलों से इलाज के कई साईड इफ़ेक्ट सामने आते हैं। सैंकडो वर्षों से लाभप्रद साबित हो रहे खांसी के निरापद उपचार नीचे दिये जा रहे हैं--


१) अदरक का रस ५ मिलि निकालकर १० ग्राम शहद में मिलाएं। दिन में चार बार लेने से खांसी में लाभ होता है।
२) काली मिर्च और शकर बराबर मात्रा में पीस लें। अब गाय के शुद्ध घी में इस पावडर को मिलाकर गोलियां बनालें। दिन में तीन बार गोली चूसें । खांसी की अच्छी दवा है।
३) सूखी खांसी निवारण के लिये २ ग्राम हल्दी पावडर में एक चम्मच शहद मिलाकर चाट लें । दिन में दो बार सेवन करना हितकारी रहता है।
४) नींबू का रस ५० मिलि, शहद २०० ग्राम , अदरक रस २० ग्राम मिलाएं । इसमें ५० मिलि गरम पानी मिश्रित करें । खांसी का की दवा तैयार है। शीशी में भर लें। २-२ चम्मच दिन में ३-४ बार कुछ दिन लेने से खांसी ठीक हो जाती है।
५) अंगूर में फ़ेफ़डे को शक्ति देने के गुण है। इससे इम्यून सिस्टम(सुरक्षा तंत्र) मजबूत होता है। एक गिलास अंगूर का रस कुछ दिन सेवन करना फ़ायदेमंद है। आर्थिक असुविधा न हो तो इसे लंबे समय तक जारी रख सकते हैं।
६) काली मिर्च 7 नग, शहद के साथ पीस लें। दिन में तीन बार यह नुस्खा बनाकर चाट लेने से सूखी खांसी में आशानुरुप लाभ होता है।
७) ग्लीसरीन ३० मिलि,नींबू का रस ३० मिलि,शहद ३० मिलि सबको मिलालें । दवा तैयार है। ५ से १० मिलि दवा दिन में ३ बार लेने से खांसी रोग शीघ्र ही नियंत्रण में आ जाता है।
८) काली मिर्च को शकर के साथ चबाकर खाने से सूखी खांसी में राहत मिलती है।
९) लहसून खांसी में बेहद लाभप्रद है। ३-४ लहसून की कली चाकू से बारीक काटकर १०० मिलि दूध में उबालकर रात को सोते वक्त लेने से खांसी में लाभ होता है।
१०) १०-१५ ग्राम गुड को सरसों के तेल मे अच्छी तरह घोटकर दिन में दो-तीन बार चाटने से खांसी काबू में आ जाती है।
११) पालक का रस २०० मिलि गाजर का रस ३०० मिलि मिलाकर सुबह के वक्त लेते रहने से खांसी में स्थायी लाभ होता है।
१२) २-३ ग्राम हल्दी का पावडर ५० मिलि दूध में उबालकर लेने से खांसी ठीक होती है।दिन में दो बार लेना उत्तम है।
१३) आम को भोभर में भून लें। इस प्रकार भुना हुआ आम दिन में तीन बार खाने से सूखी खांसी का निवारण होता है।
१४) खारक में फ़ेफ़डे को शक्ति देने के गुण हैं। रात को सोते वक्त ५ नग खारक दूध में उबालकर लेना आशातीत गुणकारी है।
१५) ताजा अदरक का एक टुकडा चाकू से काट लें उस पर नमक बुरकें और मुहं मे चूसें। बहुत लाभकारी उपाय है।