6.3.17

पान का पत्ता के औषधीय गुण,घरेलू नुस्खे


   पान भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। खाना खाने के बाद मुंह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही कारगर है। वहीं हर शुभ काम में पान के पत्ते का उपयोग पूजन में जरूर किया जाता है। इसका एक कारण पान के पत्ते का शुभता का प्रतीक होना है, वहीं इसमें छुपे औषधीय गुण भी इसे पूजन में रखे जाने का एक बड़ा कारण है। आइए जानते हैं पान में छुपे ऐसे ही कुछ औषधीय गुणों के बारे में….
पान के 15 पत्तों को 3 गिलास पानी में डाल लें। इसके बाद, इसे तब तक उबालें, जब तक यह उबलकर एक तिहाई नहीं रह जाता है। इसे दिन में तीन बार पिएं।
* ब्रोनकाईटिस
पान के सात पत्तों को दो कप पानी में रॉक शुगर के साथ उबाल लें। जब पानी एक गिलास रह जाए तो उसे दिन में तीन बार पिएं। ब्रोनकाईटिस में लाभ होगा।
पान के पत्ते एंटी-बैक्टेरियल (anti-bacterial) गुण से युक्त होते है जो मुंह में मौजूद सभी जर्म्स (germs) को खत्म करते है जिससे आपके मुंह से बदबू आती है। इसी के साथ पान के पत्ते आपके मुंह में एसिड लेवल (acid level) पर भी नियंत्रण रखता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पान के पत्ते चबाने के बाद पानी की मदद से अपने मुंह को साफ कर लें अन्यथा ये आपके दातों पर दाग छोड़ सकता है। आप हफ्ते में 2 से 3 बार पान के पत्तों का सेवन कर सकते है।
मस्से का भी उपचार है पान के पत्तें (Betel leaves for treating warts)
पान के पत्तें सिर्फ फोडें और छालों में ही मददगार नहीं होते है बल्कि आप इससे अपने शरीर पर मस्सें भी हटा सकते है। इन पत्तों से आप आसनी से मस्सों से निजात पा सकते है वो भी बिना किसी दुष्प्रभाव से.. आप पान के पत्तों या फिर उसके अर्क को सीधी उन मस्सों पर लगा सकते है। इस उपचार कि खास बात ये है कि ये त्वाच पर कोई दाग नहीं छोड़ता है। पान के पत्तों का पेस्ट रोजाना मस्से पर लगाएं इससे धीरे धीरे मस्सा सुकड़ कर खत्म हो जाएगा।
खांसी
पान के पत्तों से खांसी ठीक हो जाती है। इसके लिए करीब 15 पान के पत्तों को तीन गिलास पानी में डाल दीजिए। इसके बाद इस पानी को उबालें इसे तब तक उबालें जब तक कि यह एक तिहाई न रह जाए। अब इस मिश्रण को एक दिन में तीन बार पिएं इससे खांसी जल्द ही ठीक हो जाती है।
* शरीर की दुर्गंधपांच पान के पत्तों को दो कप पानी में उबालें। जब पानी एक गिलास रह जाए तो उसे दोपहर के समय पी लें। शरीर की दुर्गंध दूर हो जाएगी।



पाचन में सहायक

पान खाना पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद है. ये सैलिवरी ग्लैंड को सक्रिय करके लार बनाने का काम करता है जोकि खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने का काम करता है. कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी पान की पत्ती चबाना काफी फायदेमंद है. गैस्ट्र‍िक अल्सर को ठीक करने में भी पान खाना काफी फायदेमंद है.
* जलना
पान के पत्ते को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाएं।
खाना खाने के बाद पान की पत्ते (paan ke patte) को खाने से पाचन क्रिया सुचारु रुप से काम करती है। आपको बात दें कि पान का पत्ता सलाइवा (saliva) के उत्पादन को उत्तेजित करता है जिससे सलाइवा (saliva) में मौजूद डाइजेस्टिव एन्जाइम्स (enzymes) खाने को जल्दी पचाता है। पान के पत्ते आपके पूरे पाचन प्रणाली को भी उत्तेजित करता है जिसका सीधर आपके स्वास्थ पर पड़ता है।
शरीर की बदबू-
गर्मियों के आते ही पसीन आना शुरू हो जाता हैं। पसीने की दुर्गंध से हमारे आस पास के लोग बड़े ही परेशान हो जाते है। साथ ही पसीने की दुर्गंध से हमें भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से बचने के लिए पाने के पत्तों को दो कप पानी में उबाल कर पीने से शरीर की दुर्गंध ठीक होती है।
* नकसीर
गर्मियों के दिनों में नाक से खून आने पर पान के पत्ते को मसलकर सूंघे। इससे बहुत आराम मिलेगा।
* छाले
मुंह में छाले होने पर पान को चबाएं और बाद में पानी से कुल्ला कर लें। ऐसा दिन में दो बार करें। राहत मिलेगी।
*. लाल और जलन करती आंखें5-6 छोटे पान के पत्तों को लें और उन्हें एक गिलास पानी में उबालें। इस पानी से आंखों पर छींटे मारें। आंखों को काफी आराम मिलेगा।
पायरिया ( Pyorrhea ) : 
ऐसे बहुत से लोग है जिन्हें दाँतों में पायरिया की शिकायत होती है और जिसके लिए वे अनेक तरह की दवाइयां खाते है और अनेक तरह के परहेज करने पर विवश हो जाते है किन्तु अगर वे पान में 10 ग्रामS कपूर मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पान का सेवन करते है तो जल्द ही इनकी पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है. बस उनको एक बात की सावधानी ये रखनी पड़ती है कि वे कपूर मिले पान के रस को पेट में ना सटके बल्कि बाहर निकालते रहें
. मुंह के कैंसर से दिलाता है छुटकारा (Betel leaves can be helpful to prevent oral cancer)
पान के पत्ते के स्वास्थ्य लाभ, कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो इससे व्यक्ति की जान जोखिम में तो पड़ ही जाती है। लेकिन अगर आपके मुंह में कैंसर है तो आपको पान के पत्ते बचा सकते है। पान के पत्ते सलाइवा (saliva) में मौजूद एसकॉर्बिक एसिड (ascorbic acid) को बनाए रखता है। दरअसल एसकॉर्बिक एसिड (ascorbic acid) एंटी-ऑक्सीडेंट (anti- oxidant) के रूप में काम करता है जो कि आपको कैंसर से बचाने में मदद करता है।



एक्ने की समस्या को करता है दूर (Betel leaves for treating acne)

इस बात का हम दावा कर सकते है कि पान के पत्तों का ये फायदा (paan khane ke fayde) सुनकर हर लड़की खुश हो जाएगी। क्योंकि पान के पत्ते से चेहरे की एक्ने (acne) की समस्या से निजात पा सकते है। जब आप पान के पत्तों के अर्क ऐक्ने पर इस्तेमाल करते है जब समय के साथ ये समस्या कम हो जाती है। पान के पत्तों में माइल्ड एंटी-सेप्टिक (mild anti-septic) गुण होते है जो स्किन (skin) पर मौजूद दानों को खत्म कर देते है।
*खुजली या दानेपान के 20 पत्तों को पानी में उबाल लें। अच्छी तरह उबलने के बाद इस पानी से नहा लें। खुजली की समस्या खत्म हो जाएगी।
* मसूडों से खून आना
दो कप पानी में चार पान के पत्तों को उबाल लें। इस पानी से गरारा करें। मसूड़ों से खून आना बंद हो जाएगा
सांस की समस्या
सांस की समस्या में पान को पत्ते बेहद ही लाभकारी होते है। इस समस्या के दौरान करीब सात पान के पत्तों को लेकर दो गिलास पानी में डाल दे। अब इस पानी में रॉक शुगर को मिला कर उबाल लें। जब पानी का करीब एक गिलास रह जाए तो उसे एक दिन में करीब तीन बार पीना चाहिए इससे काफी लाभ मिलता है।
पान के पत्ते सरदर्द करें गायब (Betel leaves for headache)
कई लोगों का मानना है कि पान के पत्ते या फिर उसके अर्क सर दर्द को खत्म करने के लिए बेहद प्रभावी होते है। हालांकि किसी भी वैज्ञानिक ने अभी तक इस बात को साबित नहीं किया है। सरदर्द को कम करने के लिए आप पान के पत्तों का पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से आपको सरदर्द से छुटकारा मिल सकता है।
पान के पत्तें घाव भरने में करते है मदद (Betel leaves for wound healing)
आजकल लोग इतनी भागा-दौड़ी में लगे रहते है कि वो चोट का शिकार हो जाते है। पान के पत्ते के गुण, ऐसे में आपको डॉक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं है। क्योंकि पान के पत्ते घाव भरने के लिए वरदान माने गए है। इसके लिए पहले घाव को साफ करें और उस पान के पत्तों का पेस्ट बनाकर घाव पर लगाकर पट्टी बांध लें। इसी के साथ पान के पत्तों का पेस्ट लगाने से घाव से पहता खून भी कुछ ही सेकंड में रुक जाता है। पान के पत्तों की खास बात ये भी है कि आप इसको किसी किड़े के काट जाने पर भी लगा सकते है। इसके लिए आप बस पत्तों का पेस्ट बनाएं और प्रभावी हिस्से पर लगा लें। इससे वो दर्द और घाव दोनों जल्द ठीक हो जाते है



फोड़े को भी जल्द ठीक करता है पान के पत्ता (Betel leaves for treating boils)

आयुर्वेद में फोड़े के उपचार के रूप में संतरे का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आप पान के पत्तों से फोड़े को जल्द ठीक कर सकते है। पान के पत्तों को फोड़े पर लगाने के लिए उन पत्तों को गरम करें और फिर उस पर कैस्टर ऑयल (castor oil) लगा लें। इसके बाद उन पत्तों को फोड़े के ऊपर आराम से लगाकर पट्टी बांध दें। फोड़े में मौजूद पस पान के पत्तों की मदद से सूख जाता है। इसी के साथ कुछ दिनों में फोड़ा भी जल्द ठीक हो जाता है।
पान के पत्ते डायबिटिज का है उपचार (Betel leaves can treat diabetes)
आप शायाद ये जानकर हैरान हो कि पान के पत्ते (paan ke patte) डायबिटिज (diabeties) जैसी गंभीर बीमारी का भी उपचार माना जाता है। आपको बता दें कि एक अध्ययन के तहत पान के पत्तों में सक्रिय यौगिक पाए जाते है जो ब्लड शुगर लेवल (sugar level) पर नियंत्रण करके डायबिटिज रोगियों को मुक्ति दिला सकता है। पान के पत्तों की एंटी-डायबिटिक (anti-diabetic) गुण ने एक अध्य्यन में साबित किया है कि नियमित रुप से इसका सेवन करने से ब्लड शुगर (sugar level) नियंत्रित रहता है।
जलने में
  अक्सर हमारें घर की महिलाएं खाना बनाते समय जल जाती है। ऐसी स्थिति में पान के पत्तों को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाने से जली हुई जगह तेजी से ठीक हो जाती है साथ ही उस जगह पर ठंडक का अहसास भी होता है।
    क्या कभी आपने चिड़चिड़ा और झगड़ालू पानवाला कहीं देखा है? नहीं न। सदियों से पान वाले मुस्करा कर ही पान बेचते देखे गए हैं। पान सभ्यता और संस्कृति की निशानी तो है ही, यह दोस्ती की भी निशानी है। क्या हिंदू और क्या मुस्लिम, हिंदुस्तान में सभी धर्मों के लोग इसका सेवन करते हैं। एक पान खाने वाला दूसरे पान खाने वाले से नि:संकोच ही दोस्ती कर लेता है।
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